मोदी से भी हो सकती है सीबीआई की पूछताछ
सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से भी पूछताछ कर सकती है। एसआईटी ने गुजरात दंगों के मामले में मोदी से पूछताछ की थी, लेकिन अब सीबीआई जानना चाहती है कि क्या मोदी को पता था कि कुछ पुलिस अफसर अमित शाह जैसे नेताओं से मिलकर सोहराबुद्दीन मामले की जांच में देरी कर रहे हैं।
मोदी ने उस पुलिस अधिकारी के ट्रांसफर कागजात पर दस्तखत किए हैं, जिसने डीजी वंजारा पर लग रहे आरोपों को नरम नहीं किया। जब सोहराबुद्दीन मुठभेड़ में मारा गया, तब भी अमित शाह गृह राज्यमंत्री थे और गृह मंत्रालय की असल कमान मोदी के हाथ में थी।
7 मार्च, 2007 को गुजरात सरकार ने रजनीश राय को डीआईजी बनाया और सीआईडी क्राइम बनाकर मामले की जांच देखने को कहा। इसके बाद मोदी एनके अमीन को सीआईडी क्राइम में लाए।
उस वक्त अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर रहे पीसी पांडे ने रजनीश राय को फोन किया और कहा कि अमित शाह, अभय चुड़ास्मा को एसआईटी में लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं, लेकिन राय ने इसे मानने से इनकार कर दिया। पांडे ने दोबारा डीआईजी रजनीश राय को फोन किया और कहा कि अमित शाह, अभय चुड़ास्मा को एसआईटी में लेने के लिए बहुत दबाव डाल रहे हैं।
इसके बाद 10 अप्रैल, 2007 को चुड़ास्मा को एसआईटी में शामिल कर लिया गया, लेकिन राय ने कभी भी चुड़ास्मा की मदद नहीं ली। 24 अप्रैल, 2007 को रजनीश राय ने वंजारा, पांडयन और दिनेश एमएन को गिरफ्तार कर लिया। इसके तुरंत बाद रजनीश राय को उनके पद से हटा दिया गया।

