महिला पत्रकार ने कूदकर जान दी
लखनऊ। फन मॉल, गोमतीनगर में गुरुवार शाम जब चहल-पहल थी, तब महिला पत्रकार सुप्रिया योगी तिवारी [48] चौथी मंजिल पर टहल रही थीं। शाम करीब 6:20 बजे वह अचानक कूद गई। भूतल में भगदड़ मच गई। खून से लथपथ सुप्रिया को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी भव्या अमेरिका में पीएचडी व छोटी बेटी विदुषी दिल्ली में एमबीए कर रहीं हैं।
विरामखंड पांच, गोमतीनगर निवासी सुप्रिया राजधानी से प्रकाशित हिन्दी समाचार पत्र में उप सम्पादक थीं। वह गुरुवार शाम करीब 3:45 बजे चालक कुलदीप के साथ घर से निकली थीं। एसओ गोमतीनगर अक्षय कुमार के मुताबिक सुप्रिया के पति विमल योगी तिवारी ने चालक से डाक्टर के यहां जाने को कहा था पर रास्ते में सुप्रिया ने चालक से कहा उन्हें खरीदारी करनी है और वह मॉल आ गई। चालक बाहर ठहर गया और सुप्रिया भीतर चली गई। मॉल के एक कर्मचारी के मुताबिक सुप्रिया चौथी मंजिल पर रेलिंग के पास काफी देर से टहल रही थीं। सीओ गोमतीनगर के अनुसार वीडियो फुटेज से पता चला कि वह कुछ देर टहलने के बाद रेलिंग पकड़कर खड़ी हो गयीं और फिर दोनों हाथ छोड़ दिए, जिससे नीचे आ गिरीं।
घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में वहां मीडिया कर्मियों का भी हुजूम लग गया। फर्श पर खून का गहरा धब्बा व पास ही नीले रंग का जूता पड़ा था। एसओ के अनुसार सुप्रिया के सिर पर गहरी चोट लगने से उनकी मृत्यु हुई। चौथी मंजिल पर रेलिंग के पास सुप्रिया का पर्स, एक छड़ी व दुपट्टा रखा मिला। पर्स में मिले परिचय पत्र से उनकी पहचान हुई। घटना की सूचना पाकर पति विमल योगी तिवारी लोहिया अस्पताल पहुंचे। विमल ने बताया कि सुप्रिया लम्बे समय से अवसाद में थीं। उनका डा. हरजीत सिंह से इलाज चल रहा था। इसके पहले भी वह खुदकुशी का प्रयास कर चुकी थीं। पूर्व में छत से कूदने की वजह से उनके पैर व कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। इसी वजह से वह छड़ी का सहारा लेकर चलती थीं।
फन मॉल के प्रवक्ता राज कुजूर के मुताबिक महिला पत्रकार के कूदने पर मॉल के सुरक्षा कर्मचारी उन्हें फौरन लोहिया अस्पताल ले गए और तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी गई। जिस स्थान पर महिला गिरी थीं, उसे घेर दिया गया था। सुप्रिया का पर्स व छड़ी पुलिस के सुपुर्द कर दी गई। गौरतलब है कि पांच मई को एक निजी इंजीनियरिंग कालेज की छात्रा श्रुति ने भी यहां कूदकर खुदकुशी कर ली थी।

